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CBSE पोर्टल हैक 2026: जोखिम, प्रभाव और सरकारी सुधार
भारत का सबसे भरोसेमंद परीक्षा बोर्ड CBSE मई 2026 में एक बड़े साइबर सुरक्षा घोटाले से हिल गया, जब एक 19 वर्षीय एथिकल हैकर ने इसके ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) मूल्यांकन प्रणाली में बिना किसी रोक-टोक के प्रवेश का लाइव प्रदर्शन किया — जिसमें प्रोडक्शन सर्वर तक शेल एक्सेस और एक असुरक्षित क्लाउड बकेट से छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं का मुफ्त डाउनलोड शामिल था [1][2]। इस उल्लंघन से अनुमानित 20 लाख कक्षा 12 के छात्रों का व्यक्तिगत और शैक्षणिक डेटा खतरे में पड़ गया [5]। यह लेख हैक की हर परत को उजागर करता है, समझाता है कि इसका छात्रों और परिवारों पर क्या असर पड़ा, और सरकार को दोबारा ऐसा होने से रोकने के लिए क्या करना चाहिए।